अहोई अष्टमी 2018 - जानिए क्यों मनाई जाती है अहोई अष्टमी

Sun 28-Oct-2018 11:46 am
इस साल बुधवार 31 अक्टूबर 2018 को अहोई अष्टमी मनायी जाएगी, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली: वैसे तो साल भर में कुल 24 अष्टमी आती हैं लेकिन करवा चौथ के चौथे दिन आने वाली अष्टमी कुछ ख़ास होती है| इसे अहोई अष्टमी कहते हैं| कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी को अहोई अष्टमी का पर्व आता है|

क्यों मनाई जाती है अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami)?
इस पर्व को मुख्य तौर पर संतान की लंबी उम्र और सफलता के के लिए मां के द्वारा किया जाता है| इस पर्व में संतान की लंबी उम्र के साथ ही उनके जीवन से बाधाओं को दूर करने के लिए माँताएं व्रत रखती हैं| वहीं इस व्रत को वे महिलाएं रखती हैं जिनकी कोई संतान होती है, ऐसा माना जाता है कि जिनकी कोई संतान नहीं उन्हें शीघ्र ही संतान प्राप्ति होती है|

अहोई अष्टमी के व्रत की विधि
इस दिन सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लिया जाता है| अहोई अष्टमी के व्रत के लिए गोबर या चित्र के जरिए कपड़े पर आठ कोष्ठक की एक पुतली बनाई जाती है| इसमें बच्चों की आकृतियां बनाई जाती हैं| साथ ही गोबर से लीपकर कलश स्थापना की जाती है| इसके बाद शाम को (तारों की छाव में) या प्रदोष काल में उसकी पूजा की जाती है| वहीं इस व्रत में कलश पर करवाचौथ में प्रयुक्त किए करवे में भी जल भरा जाता है| शाम को अहोई माता (में देवी पार्वती की पूजा की जाती है) की पूजा विधिवत रूप से करने के बाद आकाश में तारे आने पर तारों को करवे से अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है| व्रत के समापन के साथ ही अन्न-जल ग्रहण किया जाता है| दीपावली के दिन उस करवे के जल को पुरे घर में छिड़का जाता है|

दिनांक और शुभ मुहूर्त
बुधवार 31 अक्टूबर 2018 को अहोई अष्टमी मनायी जाएगी
शुभ मुहूर्त- शाम 5.45 से 7.00 बजे तक

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