महाशिवरात्रि 2019 - शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत के आहार

Wed 27-Feb-2019 12:00 pm
सोमवार का दिन होता है फलदायी; महाशिवरात्रि पर 3 साल बाद बना महासंयोग, धन समृद्धि के लिए लाभकारी....

महाशिवरात्रि हिदुओं का एक प्रमुख त्यौहार है| यह भगवान शिव के विवाह के दिन फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। शिवपुराण में इस चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। महाशिवरात्रि का महत्व इसलिए है क्योंति यह शिव और शक्ति की मिलन की रात है। आध्यात्मिक रूप से इसे प्रकृति और पुरुष के मिलन की रात के रूप में बताया जाता है। इस रात में आध्यात्मिक शक्तियां अधिक जागृत होती हैं इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि इस रात का उपयोग ध्यान, योग, तप और साधना में करना चाहिए।

इस वर्ष महाशिवरात्रि 2019 (Maha Shivratri 2019), सोमवार 4 मार्च को है। सोमवार भगवान शिव का दिन माना जाता है और इस दिन महाशिवरात्रि पड़ना एक महासंय़ोग ही है। भगवान शंकर के बारे में कहा जाता है कि भगवान शंकर बहुत जल्दी अपनो भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं। माना जाता है कि इस रात में विधिवत साधना करने से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर कई दुर्लभ संयोग बने हैं ऐसे में इसदिन का महत्व और बढ़ गया है ।

इन वस्तुओं से करें भगवान शिव की पूजा
शिवरात्रि के दिन पानी, गंगाजल, दूध और शहद से शिव जी अभिषेक करें| बेर और बेलपत्ते भगवान शिव को अर्पित करें| इसके बाद धुपबत्ती और दीपक प्रजलित करें|

सोमवार को है महाशिवरात्रि
सोमवार का संबंध भगवान शिव और उनके सिर पर विराजमान चंद्रमा से है। महाशिवरात्रि पर सोमवार होना शिवभक्तों के लिए बहुत ही शुभ है। विवाह योग्य युवक-युवती इस अवसर पर शिवजी का अभिषेक दूध और गंगाजल से करें तो इनके विवाह का योग तेज होगा।

श्रवण नक्षत्र और महाशिवरात्रि का संयोग
महाशिवरात्रि के अवसर पर इस वर्ष नक्षत्रों में श्रेष्ठ श्रवण नक्षत्र का संयोग बना है। इस नक्षत्र में भगवान शिव की पूजा बहुत ही शुभ फलदायी मानी गई है। धन और सुख की चाह रखने वाले शिवभक्त इस अवसर पर गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें। शिवपुराण के अनुसार इससे समृद्धि और धन वैभव बढ़ता है।

महाशिवरात्रि पर शिवयोग
इस साल महाशिवरात्रि पर सोने पर सुहागा यह भी कि इस दिन शिव योग बना है। शिव योग में शिव की पूजा बहुत ही उत्तम और शुभफलदायी मानी गई है। मोक्ष की चाहत रखने वालों को महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की पूजा में दूध में केसर मिलकार अभिषेक करना चाहिए। सुख समृद्धि के लिए भगवान शिव को अटूट चावल यानी अक्षत अर्पित करना चाहिए इससे आत्मा को भी बल मिलता है और भय से मुक्ति मिलती है।

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