चैत्र नवरात्री 2021 - कलश स्थापना विधि और मुहूर्त एवं तिथियां

Mon 08-Mar-2021 1:43 pm
इस बार पूरे नौ दिनों की होगी नवरात्री| इस तारीख से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि, जानें किस दिन होगी किस देवी की पूजा…

इस साल हिन्दू नव वर्ष या चैत्र नवरात्री 13 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं| शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन अभिजीत मुहूर्त में 6 बजकर 20 मिनट से लेकर 9 बजकर 23 मिनट के बीच घट स्थापना करना बेहद शुभ होगा।

कलश स्थापना विधि और समय...

कलश स्थापना के लिए शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त हो कर पूजा का संकल्प लिया जाता है। संकल्प लेने के पश्चात मिटटी की वेदी बनाकर जौ बोया जाता है और इसी वेदी पर कलश की स्थापना की जाती है। घट के ऊपर कुल देवी की प्रतिमा स्थापित कर पूजन किया जाता है और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है। इस दौरान अखंड दीप जलाने का भी विधान है। इन दिनों में मंत्र जाप करने से मनोकामना शीघ्र पूरी होती है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के बाद मां दुर्गा की पूजा आरंभ की जाती है। मीन लग्न लाभ की चौघड़िया समावेश में 6:20 से 7:52 तक श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 7:52 से अमृत बेला में 9:23 बज तक कलश की स्थापना करना शुभ होगा

जानें किस दिन होगी किस देवी की पूजा...

  • दिन 1 (13 अप्रैल) - प्रतिपदा: घट व कलश स्थापना, मां शैलपुत्री की पूजा |
  • दिन 2 (14 अप्रैल) - द्वितीया: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा।
  • दिन 3 (15 अप्रैल) - तृतीया : मां चन्द्रघंटा की पूजा।
  • दिन 4 (16 अप्रैल) - चतुर्थी : मां कुष्मांडा की पूजा।
  • दिन 5 (17 अप्रैल) - पंचमी : मां स्कंदमाता की पूजा।
  • दिन 6 (18 अप्रैल) - षष्ठी : मां कात्यायनी पूजा और मां सरस्वती की पूजा।
  • दिन 7 (19 अप्रैल) - सप्तमी : मां कालरात्रि पूजा।
  • दिन 8 (20 अप्रैल) - अष्टमी : मां महागौरी।
  • दिन 9 (21 अप्रैल) - नवमी : मां सिद्धिदात्री।
  • दिन 10 (22 अप्रैल) - दुर्गा विसर्जन।

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